Software Kya Hai - सॉफ्टवेयर क्या है? पूरी जानकारी हिंदी मै।

सॉफ्टवेयर क्या है? (What Is Software?)

Software Kya Hai  कंप्यूटर प्रणाली एक ऐसी तकनीक है, जिससे आज हर कोई परिचित है, जिसके बिना किसी भी Computer  क्षेत्र में उन्नति करना असम्भव है। Computer की यह प्रणाली Hardware एवं Software दोनों से मिलकर पूरी होती है। Hardware जहाँ Computer प्रणाली के Physical Components को कहते हैं वहीं Software Kya Hai का आशय इन Physical Components को उपयोग में लेने हेतु प्रयोग किये जाने वाले निर्देशों के एक समूह से है।

software kya hai

Software की आवश्यकता कहाँ होती है। 

Software निर्देशों के एक ऐसे समूह होते हैं जिनकी मदत से Computer के Physical Components को क्रियान्वित किया जाता है। इन निर्देशों के समूह के बिना Computer प्रणाली एक निर्जीव शरीर की भाँति होती है जिसका एक साथ उपयोग नहीं किया जा सकता। Computer एक ऐसी मशीन है जिसका उपयोग विभिन्न जरूरतों  के लिए किया जा सकता है। इन भिन्न-भिन्न उद्देश्यों की पूर्ति Software की सहायता से ही हो सकती है। 

Software में दिये गये आदेश के अनुसार ही Computer के विभिन्न सॉफ्टवेयर कार्य करते हैं। प्रारम्भिक दिनों में Software Computer निर्माता ही विकसित कर उपलब्ध कराते थे। आजकल Software शब्द का उपयोग व्यापक अर्थ में किया जाता हैं। विशिष्टीकरण के इस युग में अब Software विकसित करने वाली संस्थाएँ Hardware निर्माताओं पर निर्भर नहीं हैं। कम्प्यूटरों के बदलते विविध उपयोगों ने Software विकास को एक व्यापक उद्योग का रूप दे दिया है। Software को निम्नलिखित कारणों से आवश्यक कहा जा सकता है

(1) input/output (I/O) इकाइयों का प्रभावी उपयोग करने हेतु। 
(2) विभिन्न प्रकार की समस्याओं के समाधान के लिये program विकसित करने हेतु। 
(3) Program को Computer द्वारा समझी जाने वाली भाषा में बदलने के लिए। 
(4) Memory का प्रभावी उपयोग करने हेतु।
(5) Data एवं Information को संप्रेषित करने हेतु।
(6) User द्वारा Computer प्रणाली के सुगम उपयोग को सम्भव बनाने हेतु।

Software के प्रकार (Types Of Software)


(1) सिस्टम Software (System Software) 
(2) एप्लीकेशन Software (Application Software)
(3) यूटिलिटी Software (Utility Software)

सिस्टम Software (System Software)


कम्प्यटर से कार्य लेने के लिए इसे क्रमवार निर्देश देने पड़ते हैं। ये क्रमवार निर्देश प्रोग्राम (Program) कहलाते हैं। Computer निर्माता बहुत-से ऐसे प्रोग्राम सर्किटों के रूप में पहले ही इसमें store कर देते हैं जिनके लिए Computer का प्रयोग सम्भव हो पाता है। ऐसे Program जो हमारे द्वारा दिये गये निर्देशों को 0 तथा 1 में परिवर्तित कर सके। इसे Computer द्वारा समझे जा सकने वाले वैद्युत संकेतों में परिवर्तित कर दें। ऐसे प्रोग्राम System Software कहलाते है.

सिस्टम Software सिस्टम-Software में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण प्रोग्राम Operating System(Operating System) है। यह कुछ विशिष्ट प्रोग्रामों का एकीकृत समूह है जो User तथा Computer के Hardware के बीच की कड़ी है। User Operating Systemको अपनी समस्या देता है। Operating System computer के Hardware से समस्या हल करवाता है और परिणाम तक User तक पहुंचा देता है।


(i)ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System)

इसमें वे Programming शामिल होते हैं जो Computer के विभिन्न कार्यो को नियन्त्रित करते हैं, तथा उन्हें प्रबन्धित (Manage) करते हैं। इसका प्रमुख कार्य उपयोगकर्ता तथा Hardware के मध्य एक समन्वय स्थापित करना है। Operating System कुछ विशेष Programming का ऐसा व्यवस्थित समह है, जो किसी Computer के सम्पूर्ण क्रियाकलापों को नियन्त्रित रखता है। Operating System आवश्यक होने पर अन्य प्रोग्रामों को चालू करता है, विशेष सेवाएँ देने वाले प्रोग्रामों का मशीनी भाषा में अनुवाद करता है और User की इच्छा के अनुसार Output निकालने के लिए Data का प्रबन्धन करता है। उदाहरण, एम एस डॉस, विण्डोज Xp/2000/98, यूनिक्स, लाइनेक्स इत्यादि Operating System के कुछ उदाहरण हैं। 

(ii) डिवाइस ड्राइवर (Device Driver)

 ये एक विशेष प्रकार का Software होते हैं, जो किसी Device के Operation को समझाते हैं। ये Software किसी Operation तथा User के मध्य इण्टरफेस का कार्य करते हैं। किसी भी Operation को सुचारू रूप से चलाने के लिए चाहे वो Printer,Mouse, Monitor या Keyboard ही हो, उसके साथ एक Driver Program जुड़ा होता है। device Drivers  निर्देशों का एक ऐसा मुख्य समूह होता है जो हमारे Computer को Hardware से  आपस में जोड़कर कार्य करवाते हैं।

(iii) भाषा अनुवादक (Language Translator)

 ये ऐसे Program हैं, जो विभिन्न Programming भाषाओं में लिखे गए Program का अनुवाद Computer की मशीनी भाषा में करते हैं। यह अनुवाद कराना इसलिए आवश्यक होता है, क्योंकि Computer केवल अपनी Machine Language में लिखे हुए Program का ही पालन कर सकता है। 

भाषा तीन तरहा की होती है। 

(A) असेम्बलर (Assembler)
(B) कम्पाइलर (Compiler)
(C) इण्टरप्रेटर (interpreter)

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software)

Application Software उन Program को कहा जाता है, जो हमारा वास्तविक कार्य कराने के लिए लिखे जाते हैं, जैसे-कार्यालय के कर्मचारियों के वेतन की गणना करना, सभी लेन-देन का हिसाब  अपने पास  रखना विभिन्न प्रकार की Report को छापना, सभी Stocks की स्थिति पर ध्यान देना, documents तैयार करना इत्यादि। हालाँकि आजकल ऐसे प्रोग्राम सामान्य तौर पर सबके लिए एक जैसे लिखे हुए भी आते हैं, जिन्हें रेडीमेड Software (Ready made Software) या पैकेज (Package) कहा जाता है, जैसे-एम एस-वर्ड, एम एस-एक्सल, टैली, कोरल ड्रॉ, पेजमेकर, फोटोशॉप आदि।

 Application Software दो प्रकार के होते हैं

(i) सामान्य उद्देश्य Software (General Purpose

Software) Program का वह समूह, जिन्हें User अपनी जरूरत के अनुसार अपने सामान्य उद्देश्यों की पूर्ति के लिए उपयोग में लाते हैं, सामान्य उद्देश्य के Software कहलाते हैं, उदाहरण-graphics Software, स्प्रेड शीट, डेटाबेस प्रबन्धन है। 

(ii) विशिष्ट उद्देश्य Software (Specific Purpose Software)

ये Software किसी  की जरूरत हेतु बनाए जाते हैं। इस प्रकार के Software का अधिकांशतः केवल एक उद्देश्य होता है। सामान्य रूप से उपयोग किए जाने वाले कुछ विशिष्ट उद्देशय Software निम्न है। 
(A) इन्वैंट्री मैनेजमेण्ट सिस्टम एण्ड पर्चेजिंग सिस्टम (Inventory Management System And Purchasing System) 
(B)  पेरौल मैनेजमेण्ट सिस्टम (Payroll Managment System) 
(C) होटल मैनेजमेण्ट सिस्टम (Hotel Management System)

सिस्टम यूटिलिटीज (System Utilities)

ये Program Computer के रख-रखाव से सम्बन्धित कार्य करते हैं। ये Program Computer के कार्यों को सरल बनाने, उसे अशुद्धियों से दूर रखने तथा System के विभिन्न सुरक्षा कार्यों के लिए बनाए जाते हैं। Utilities Program कई ऐसे कार्य करते हैं, जो Computer का उपयोग करते समय हमें कराने पड़ते हैं। उदाहरण के लिए, कोई Utilities Program हमारी फाइलों का Backup किसी बाहरी भण्डारण साधन पर लेने का कार्य कर सकता है। कुछ Utilities Software निम्न हैं। 

(i) डिस्क कम्प्रेशन (Disk Compression) 

ये Hard Disk पर उपस्थित सूचना पर दबाव डालकर उसे संकुचित (Compressed) कर देता है, ताकि Hard Disk पर अधिक-से-अधिक Information Store किया जा सके। यह Utilities स्वयं अपना काम करती रहती है तथा जरूरी नहीं कि User को इसकी उपस्थिति की जानकारी हो। 

(ii) डिस्क फ्रेग्मेण्टर (Disk Fragmenter) 

यह Computer की Hard Disk पर विभिन्न जगहों पर बिखरी हुई File को खोजकर उन्हें एक स्थान पर लाता है। इसका प्रयोग File तथा Hard Disk की खाली पड़ी जगह को व्यवस्थित करने में होता है। 

(ii) बैकअप यूटिलिटीज (Backup Utilities)

 यह Computer की Disk पर उपस्थित सारी सूचना की एक Copy रखता है तथा जरूरत पड़ने पर कुछ जरूरी File या पूरी Hard Disk की सामग्री वापस रिस्टोर (Restore) कर देता है।


तो अब आप जान गए होंगे कि Software Kya Hai और software types in hindi क्या होता है इसको हमने बहुत हे सरल भाषा में आपको समझाया है जिससे आपको अच्छे से समझ में आ जाये. यदि आपको जानकारी पसंद आयी तो इसे अपने दोस्तों के साथ whatsapp, या facebook  पर शेयर जरुर करे.
Software Kya Hai - सॉफ्टवेयर क्या है? पूरी जानकारी हिंदी मै। Software Kya Hai - सॉफ्टवेयर क्या है?  पूरी जानकारी हिंदी मै। Reviewed by motivational quotes hindi on October 20, 2019 Rating: 5

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